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    Nehru Colony, Near L.I.C. Bulding, Dehradun

Uttarakhand State Goverment Schemes


उत्तराखंड मुख्यमंत्री सौर स्वरोज़गार योजना 2020 आवेदन - युवाओं, प्रवासियों, कृषकों को स्वरोजगार के लिए 25 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट
 

यह योजना संपूर्ण उत्तराखंड राज्य में लागू होगी। इस योजना के अंतर्गत 25 किलोवाट क्षमता के ही सोलर पावर प्लांट अनुमन्य किये जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति (राज्य के स्थायी निवासी) अपनी निजी भूमि अथवा लीज पर भूमि लेकर सोलर पावर प्लांट की स्थापना कर सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत 10000 परियोजनाएं पात्र आवेदकों को आवंटित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्षवार लक्ष्यों का निर्धारण MSME एवं वित्त विभाग की सहमति से निर्धारित किया जाएगा।

इस योजना को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा "मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना" के सम्बन्ध में जारी कार्यालय ज्ञाप सं.-580/VII-3/01(03)-एम.एस.एम.ई/2020 दि-09 मई, 2020 के एक अध्याय के रूप में संचालित किया जाएगा तथा योजना के अंतर्गत आवंटित सोलर पावर प्लांट की स्थापना पर विनिर्माणक गतिविधि हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (मसमस) विभाग द्वारा लागू "मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना" के अंतर्गत अनुमन्य अनुदान / मार्जिन मनी एवं लाभ प्राप्त हो सकेंगे।

उत्तराखंड राशन कार्ड नई लिस्ट 2020 / ग्राम पंचायत राशन कार्ड सूची
 

उत्तराखंड राशन कार्ड लिस्ट में अपना नाम चेक करने के लिए या राशन कार्ड डाउनलोड करने के लिए बस उत्तराखंड सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है और नीचे दिए गए कुछ स्टेप्स पालन करना है। प्रदेश की सरकार ने राज्य में राशन कार्ड को चार सामजिक वर्गों APL (Above Poverty Line - पीला राशन कार्ड), BPL (Below Poverty Line - सफेद राशन कार्ड) और AAY (Antyodaya - गुलाबी राशन कार्ड), Annapurna Yojana (हरा कार्ड) के आधार पर वर्गीकृत किया हुआ है। आप राज्य सरकार के खाद्य आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर चारों श्रेणी की राशन कार्ड सूची देख सकते हैं

देश के सभी राज्यों में राशन कार्ड एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो सरकारी व गैर सरकारी कामों के लिए उपयोग में आता है। अमीर हो या गरीब हर किसी के पास राशन कार्ड होना चाहिए। देश के हर राज्य में राशन कार्ड बनाया जाता है जिसकी मदद से सरकार अपने प्रदेश के नागरिकों को बाजार के मूल्य से सस्ती दर पर राशन जैसे की तेल, चावल, गेहूं, शक्कर, दाल आदि उपलब्ध कराती है।

आप भी Uttarakhand New Ration Card List 2020 में अपना नाम चेक करके अथवा राशन कार्ड डाउनलोड करके उत्तराखंड सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। राशन कार्ड का मुख्य लाभ प्रदेश के ऐसे गरीब और असहाय नागरिकों को मिलता है जो अपने परिवार का पालन पोषण करने में पूरी तरह से समर्थ नहीं हैं अथवा जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।

उत्तराखंड राशन कार्ड ऑनलाइन आवेदन पत्र
 

खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कोई भी उत्तराखंड में नया राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन कर सकता है। राज्य सरकार समय-समय पर जिलानुसार एवं ग्राम पंचायत अनुसार राशन कार्ड सूची जारी करती है। अगर किसी भी नागरिक का नाम लेटैस्ट राशन कार्ड लिस्ट में नहीं दिखता तो वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम - एनएफएसए (National Food Security Act) के अनुसार नये राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

राशन कार्ड सभी वर्गों या फिर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए एक जरूरी दस्तावेज है जिसका उपयोग राज्य की अधिकांश सरकारी सुविधाओं एवं योजनाओं का लाभ लेने के लिए किस जा सकता है। इसके अलावा राशन कार्ड का उपयोग करके लोग अपने आस-पास स्थित विभिन्न सरकारी राशन की दुकानों से रियायती दरों पर राशन जैसे की गेहूँ, चावल, मिट्टी का तेल, चीनी आदि खरीद सकते हैं।

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना
 

उत्तराखंड सरकार ने देश की सबसे बड़ी प्रधान मंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Atal Ayushman Uttarakhand Yojana (AAUY) Online Registration) प्राप्त करने शुरू कर दिये हैं। लाभार्थी अटल आयुष्मान योजना के लिए ayushmanuttarakhand.org पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत - पीएम जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) 23 सितंबर 2018 को पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई थी, जिसमें गरीब परिवार 5 लाख तक का फ्री इलाज करवा सकते थे। इसी योजना के महत्व को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने इस योजना में थोड़े बदलाव करते हुए इस सरकारी योजना को राज्य के सभी लोगों के लिए शुरू कर दिया है। मतलब अब उत्तराखंड राज्य में कोई भी इस योजना का लाभ उठा सकता है। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना (Atal Ayushman Uttarakhand Yojana - AAUY) के लिए राज्य का कोई भी नागरिक आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकता है।

AAUY योजना से PM-JAY scheme में लगभग 18 लाख अन्य परिवारों को जोड़ा जाएगा। अब उत्तराखंड आयुष्मान भारत योजना लाभार्थी में कुल 23 लाख परिवार होंगे, जो किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त इलाज करा सकते हैं। राज्य सरकार इस योजना में हर साल 5 लाख रुपये प्रत्येक परिवार को स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करेगी। परिवार में चाहे कितने भी सदस्य हो या फिर किसी की आयु, लिंग का व्यक्ति कैशलेस और पेपरलेस ट्रीटमंट करवा सकता है।

अटल आयुष्मान योजना (AAUY) में पहले से मौजूद किसी भी शर्त को हटाया नहीं गया है। अब तक उत्तराखंड में आयुष्मान भारत योजना के तहत 100 से अधिक अस्पताल शामिल हैं।

उत्तराखंड फ्री लैपटॉप वितरण योजना
 

उत्तराखंड सरकार वर्ष 2020 शुरू होते ही प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को निशुल्क लैपटॉप (Free Laptop Distribution Scheme) देने के लिए फ्री लैपटॉप वितरण योजना 2020 (Uttarakhand Free Laptop Distribution Scheme for Govt. School Students) शुरू करने जा रही है। यह सरकारी योजना राज्य में वे छात्र-छात्राएँ जो आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं उन्हे शिक्षा की ओर आकर्षित करेगी। मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना 2020 के लिए अभी शिक्षा विभाग के निदेशक आरके कुंवर द्वारा प्रस्ताव भेजा गया है। जिसके लिए राशि आवंटित होते ही प्रदेश में विद्यार्थियों को फ्री लैपटॉप (Free laptop yojana UK Govt.) मिलने शुरू हो जाएंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सरकार ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में 80 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को निशुल्क लैपटॉप दिए जाने का निर्णय लिया है।

मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना (Uk Govt. Free Laptop Scheme) के लिए संबंधित विभाग को इससे जुड़ी सभी जानकारी जुटाने के निर्देश दे दिये हैं। जिसके तहत पूरे प्रदेश में कितने छात्र-छात्राएँ इसके लिए पात्र हैं उनकी सूची तैयार करी जाएगी

उत्तराखंड गौरा देवी कन्या धन योजना
 

उत्तराखंड की गौरी देवी कन्या धन योजना 2019 महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। गोरा कन्या धन योजना के अंदर राज्य में गरीबी रेखा से नीचे (Below Poverty Line - BPL) जीवन-यापन कर रहे परिवारों की बेटियों के बाल-विवाह को रोकने और उन्हे साक्षर बनाने या पढ़ाई के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य सरकार 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। नंदा देवी कन्या धन योजना के लिए आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2019 है। पंजीकरण करने की पूरी प्रक्रिया आप नीचे देख सकते हैं।

उत्तराखंड में बाल विवाह (Child Marriage) की समस्या से लड़ने और उसे रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार ने 1 जुलाई 2017 को गौरा देवी कन्या धन योजना (Gaura Devi Kanya Dhan Yojana ) की शुरुआत करी थी। यह सरकारी योजना राज्य में लड़कियों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हे शिक्षा पूरी करने के लिए बढ़ावा देगी।

गोरा कन्या धन योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कन्याओं को आत्मनिर्भर बनाना,कन्या भ्रूण हत्या को खत्म करना और प्रदेश में लड़कियों और लड़कों के बीच लिंगानुपात में सुधार करना है। इस योजना के तहत एक BPL परिवार की अधिकतम दो लड़कियों को ही FD के रूप में 50,000 रूपये दिये जाएंगे। जिसका इस्तेमाल 12वीं कक्षा पास करने के बाद उनकी शादी के समय किया जा सकता है।

उत्तराखंड गरीब एससी / एसटी फ्री कोचिंग
 

उत्तराखंड सरकार राज्य में रहने वाले गरीब छात्र-छात्राएँ जो अनुसूचित जाति (Scheduled Caste - SC) और अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe - ST) वर्ग से हों राज्य सरकार उनके लिए मुफ्त कोचिंग योजना (Free Coaching Scheme 2019-20) शुरू करने जा रही है। ऐसे छात्र जो आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे की IAS,PCS या फिर राज्य स्तरीय एक्जाम की तैयारी करना चाहते हैं, वे इस सरकारी योजना या उत्तराखंड की फ्री एससी / एसटी कोचिंग स्कीम (Uttarakhand Free SC / ST Coaching Scheme) का लाभ उठा सकते हैं। उत्तराखंड सरकार पूरे राज्य से 300 विद्यार्थियों को चुनेगी जिसके बाद उन्हें 5 महिनें के लिए उच्च स्तर का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गरीब एससी / एसटी छात्रों-छात्राओं (Free Coaching Scheme for poor SC / ST students) के लिए उत्तराखंड निशुल्क कोचिंग योजना के लिए शिक्षण संस्थानों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जिसके लिए 11 संस्थानों के आवेदन हल्द्वानी, हरिद्वार, देहरादून, उधम सिंह नगर सहित अन्य जिलों से आए हैं जिसके लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है।

एससी / एसटी फ्री कोचिंग स्कीम के लिए किसी भी तरह के ऑनलाइन आवेदन पत्र नहीं भरे जाएंगे। इस मुफ्त कोचिंग योजना के लिए पंजीकरण या उम्मीदवारों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार (First Come First Serve - FCFS) पर किया जाएगा।

उत्तराखंड वैष्णवी सुरक्षा योजना
 

उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य में बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने के लिए वैष्णवी सुरक्षा योजना चलाई हुई है। यह सरकारी योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों की जन्म दर को बढ़ाने और उनकी सुरक्षा के लिए लॉन्च की गई है। राज्य सरकार का इस योजना के पीछे मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बेटों और बेटियों के बीच संतुलन बनाए रखना है।

जो भी परिवार नवजात बेटी के साथ एक तस्वीर भेजेगा उसको नवजात शिशु के लिए एक वैष्णवी किट मिलेगी। वैष्णवी योजना के तहत उपलब्ध कराई गई वैष्णवी किट में बेटी के उपयोग की कई चीजें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सरकार उसी समय परिवार को बधाई संदेश भी भेजेगी। वैष्णवी सुरक्षा योजना को महिला एवं बाल विकास विभाग उत्तराखंड द्वारा चलाया जा रहा है।

वैष्णवी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थी के परिवार को वैष्णवी कार्ड दिया जाएगा जो विभिन्न मौजूदा योजनाओं से जुड़ा होगा। इसके अलावा माता-पिता को एक ही योजना के अंतर्गत बीमा कवर भी मिल जाएगा।

उत्तराखंड सुपर 100 कैंपेन - छात्राओं के लिए फ्री इंजीनियरिंग, मेडिकल कोचिंग स्कीम
 

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में मेधावी छात्राओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग देने के लिए सुपर 100 कैंपेन / कोचिंग योजना लॉन्च कर दी है। लड़कियों के लिए फ्री कोचिंग योजना के तहत राज्य सरकार 100 मेधावी लड़कियों का चयन करेगी। बिना किसी सुविधा के अपनी पढ़ाई पूरी करने की इच्छा रखने वाली लड़कियों को IIT और मेडिकल (CPMT) की परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी।

मेधावी छात्राओं के लिए यह फ्री कोचिंग स्कीम उन्हें इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्सेज में प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा (Competitive entrance exams) में अच्छे अंक लाने के लिए सहायता करेगी। इस सरकारी योजना के कार्यक्रम को बिहार में श्री आनंद कुमार द्वारा स्थापित किए गए "सुपर 30" कार्यक्रम की तर्ज पर शुरू किया गया है।

यह कार्यक्रम उत्तराखंड शिक्षा मंत्री द्वारा 1 जनवरी 2019 को राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय, नानुरखेड़ा, देहरादून में शुरू किया गया था।

उत्तराखण्ड किसान पेंशन योजना (KPY)
 

उत्तराखंड में आर्थिक तंगी से परेशान किसान लगातार पलायन कर रहे हैं, जिसके चलते उत्तराखंड सरकार को किसानों के लगातार पलायन को रोकने के लिए किसान पेंशन योजना (KPY) शुरू करी है। उत्तराखंड किसान पेंशन योजना के तहत राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु एवं 02 हेक्टेयर (करीब चार एकड़) तक के भूमिधर किसान जो स्वयं की भूमि में खेती करते होें या फिर किसी अन्य स्रोत से पेंशन प्राप्त न कर रहे हों उन्हें 1,000 रूपये प्रतिमाह पेंशन के रूप में दिये जाएंगे।

किसान पेंशन योजना (KPY) उत्तराखंड की शुरुआत फसल खराब होने पर राज्य सरकार द्वारा किसानों की आर्थिक तंगी दूर करने के लिहाज से की गई है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को अपनी भूमि के संबंध में 10 रूपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र / Affidavit देना होगा। जिसके बाद संबंधित विभाग द्वारा पड़ताल करने के बाद किसानों को पेंशन मिलनी शुरु हो जाएगी।

राज्य सरकार के द्वारा शुरू की गई इस सरकारी योजना के तहत अगर किसान स्वयं की भूमि पर अगर खेती करना बंद करता है तो उसकी उसी दिन से KPY पेंशन सुविधा समाप्त हो जायेगी।

उत्तराखंड दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना
 

उत्तराखंड की राज्य सरकार ने राज्य के छोटे और सीमांत किसानों के लिए दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना शुरू की है। यह एक कृषि ऋण योजना है जो कि राज्य के किसानों को 2% की ब्याज दर पर 1 लाख रुपये तक का लोन प्रदान करेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

दीनदयाल उपाध्याय सहकरिता किसान कल्याण योजना की घोषणा राज्य के 18 वें स्थापना दिवस 9 नवंबर 2017 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने की थी। योग्य किसान 3 वर्ष की अवधि के भीतर ऋण वापस कर सकते हैं। ऋण राशि का भुगतान 1 वर्ष के बाद न करने से किसानो पर समझौता शुल्क लगाया जाएगा।

यद्यपि, यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पहाड़ी इलाकों से स्थानान्तरण को काम करने में मदद करेगी। यह कृषि ऋण योजना किसानों की वित्तीय स्थिति में सुधार करने में भी मदद करेगी।